🌑 चैत्र अमावस्या – 18 मार्च 🌑
यह पावन अमावस्या हमारे जीवन में आत्म-चिंतन, शुद्धि और नई शुरुआत का विशेष अवसर लेकर आई है।
📿 महत्व:
चैत्र अमावस्या का दिन पितृ दोष को दूर करने, पूर्वजों का श्राद्ध एवं तर्पण करने और मन को पवित्र करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।
🪔 इस पावन दिन अपने पितरों को स्मरण करें, उनके नाम से दीप जलाएं और उनका आशीर्वाद प्राप्त करें।
⏰ स्नान-दान का शुभ मुहूर्त:
ब्रह्ममुहूर्त (सूर्योदय से लगभग 1.5 घंटे पहले)
अथवा सूर्योदय से पहले का समय
अमावस्या तिथि 18 मार्च की सुबह 08:25 बजे शुरू होकर 19 मार्च की सुबह 06:52 बजे तक रहेगी।
इस अवधि में स्नान एवं दान करना अत्यंत पुण्यदायी माना गया है।
🙏 पितरों का आशीर्वाद ही जीवन की सबसे बड़ी संपत्ति है 🙏
ईश्वर से प्रार्थना है कि आपके जीवन से सभी कष्ट दूर हों और सुख-समृद्धि का प्रकाश सदा बना रहे।
🌼 जय श्री राधे 🌼

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