माँ जानकी—करुणा, त्याग और ममता की जीती-जागती मिसाल।
जितनी बार धैर्य, प्रेम और पवित्रता का जिक्र होगा, उतनी बार माँ सीता का नाम सबसे पहले याद आएगा। उनका जीवन ही एक उदाहरण है। बात सिर्फ राजमहल के आराम छोड़ने की नहीं, उन्होंने अपने आराध्य श्रीराम के साथ हर मुश्किल में डटकर साथ निभाया। माँ सीता ने दिखा दिया, असली नारी वही है जो प्रेम, धैर्य और आत्मसम्मान की मिसाल बनती है।
उनकी कहानी सिर्फ सुनाने के लिए नहीं है। ये हर भक्त के लिए राह है, प्रेरणा है, और हौसला है।
हे जनकनंदिनी माँ, हमें भी वही श्रद्धा, वही सहनशीलता, और वही भक्ति दे दो—ताकि हम भी आपके बताए रास्ते पर चल सकें।
आज आपके जन्म दिवस पर, हम सब दिल से आपके चरणों में नमन करते हैं।
जय सियाराम! 🙏
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